Chandil : पितकी ओवरब्रिज अब तक नहीं हुआ चालू, रेलवे गेट पर लंबा जाम ; NHAI से छात्र नेता ने की शीघ्र उद्घाटन की मांग ….

विष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
चांडिल : पितकी ओवरब्रिज के अब तक चालू नहीं होने से पितकी रेलवे गेट पर लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रेनों के आवागमन के दौरान रेलवे गेट बंद होने पर टाटा-पुरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-18) पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार जाम की स्थिति पांच से छह किलोमीटर तक पहुंच जाती है।
वहीं छात्र नेता समीर कुमार महतो ने पत्रकारों को बताया कि ट्रेनों के गुजरने के दौरान पितकी रेलवे गेट करीब 30 से 40 मिनट तक बंद रहता है। इस दौरान वाहनों के फंसने से स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों, यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। जाम के कारण विद्यार्थियों को समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंचने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
लगातार हो रही बारिश ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। पितकी रेलवे गेट के आसपास सड़क के कई हिस्सों में गड्ढों में पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। जाम, जलजमाव और खराब सड़क की स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।

समस्या को लेकर छात्र नेता समीर कुमार महतो ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर पितकी ओवरब्रिज को जल्द चालू करने की मांग की है। उन्होंने NHAI से ओवरब्रिज के चालू होने की संभावित तिथि स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करने की मांग भी की है, ताकि लोगों को यह जानकारी मिल सके कि इसका परिचालन कब तक शुरू होगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पितकी ओवरब्रिज को चालू करने के लिए पूर्व में कई बार तिथियां निर्धारित की गईं, लेकिन निर्धारित समय पर इसका परिचालन शुरू नहीं हो सका। लोगों का दावा है कि करीब पांच बार उद्घाटन अथवा परिचालन की तिथि तय होने के बावजूद इसे आगे बढ़ाना पड़ा। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
समीर कुमार महतो ने कहा कि बरसात के मौसम में पितकी रेलवे गेट पर लगने वाला लंबा जाम आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी बन गया है। ओवरब्रिज चालू होने से रेलवे गेट पर निर्भरता कम होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों ने NHAI से पितकी ओवरब्रिज को शीघ्र चालू करने, इसकी निश्चित अथवा संभावित तिथि सार्वजनिक करने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। इसके अलावा रेलवे गेट के आसपास यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के आवश्यक उपाय मजबूत करने की भी मांग उठाई गई है।
