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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

Bokaro News: चंद्रपुरा पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर विस्थापितों और स्थानीय ग्रामीणों का भारी विरोध-प्रदर्शन

स्थानीय संघर्ष समिति ने किया विशाल प्रदर्शन

झारखंड के बोकारो जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार, 1 जून की शाम को चंद्रपुरा बिजली संयंत्र (Power Plant) के मेन गेट पर विस्थापितों और स्थानीय संघर्ष समिति द्वारा अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बहुत बड़े आंदोलन का आयोजन किया गया। इस विरोध-प्रदर्शन में नजदीकी गांवों के पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान कई ग्रामीण अपने पारंपरिक हथियारों के साथ भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

डीवीसी प्रबंधन के विरुद्ध जमकर फूटा गुस्सा

प्रदर्शनकारियों का यह हुजूम जुलूस की शक्ल में प्लांट के मुख्य द्वार तक पहुंचा। वहां मौजूद लोगों ने दामोदर घाटी निगम (DVC) के अधिकारियों और प्रबंधन के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त किया।

15 दिनों का अल्टीमेटम: मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

इस विरोध सभा को संबोधित करते हुए समिति के संरक्षक लखी हेम्ब्रम ने कहा कि डीवीसी ने उनके सीधे-सादे पूर्वजों से जमीनें तो ले लीं, लेकिन इसके बदले में न तो उचित बुनियादी सुविधाएं दीं और न ही वादे के मुताबिक रोजगार दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि अब यहां 1600 मेगावाट का नया पावर प्लांट स्थापित होने जा रहा है, इसलिए प्रबंधन को विस्थापित और स्थानीय युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता देनी होगी।

इसके साथ ही उन्होंने सीएसआर (CSR) कमेटी में विस्थापित परिवार के एक सदस्य को शामिल करने, स्थानीय लोगों को ठेकेदारी (संवेदक) के अवसर देने और प्रभावित गांवों में बुनियादी विकास कार्य कराने की मांग रखी। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इसके बाद एक बेहद जोरदार और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

डिनोबिली स्कूल को जमीन देने के फैसले का कड़ा विरोध

लखी हेम्ब्रम ने डीवीसी प्रबंधन के उस फैसले पर भी कड़ी आपत्ति जताई, जिसके तहत आवासीय कॉलोनी में डिनोबिली स्कूल के निर्माण के लिए जमीन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत मुफ्त शिक्षा न मिलती हो और खुद डीवीसी कर्मियों के बच्चों को भी फीस में कोई रियायत न दी जाती हो, ऐसे किसी भी स्कूल की स्थापना का वे पूरी तरह विरोध करते हैं।

बिरसा स्कूल को जमीन मुहैया कराने की उठाई मांग

इसके विपरीत, उन्होंने मांग रखी कि वर्तमान में संचालित झरनाडीह के बिरसा स्कूल को आवासीय कॉलोनी में जगह दी जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्कूल में स्थानीय विस्थापित और गरीब परिवारों के बच्चे बेहद कम फीस में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए डीवीसी को इस स्कूल का सहयोग करना चाहिए।

कई स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने रखी अपनी बात

इस विशाल प्रदर्शन के दौरान दुखन मुर्मू, नारायण मरांडी, रोहन सोरेन, आशा कुमारी, आशा देवी, कौशल्या देवी, मंजू देवी और मीना कुमारी समेत कई अन्य स्थानीय वक्ताओं ने भी जनसभा को संबोधित किया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन रथूलाल महतो द्वारा किया गया।

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