Categories

November 1, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

अवैध कोयला खनन पर CISF का बड़ा शिकंजा: 35 करोड़ का 5800 मीट्रिक टन कोयला जब्त, 103 अवैध मुहाने बंद

रांची: झारखंड में कोयले के अवैध खनन, चोरी और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपनी कार्रवाई को काफी सख्त कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के “जीरो कोल लीकेज” (Zero Coal Leakage) अभियान के तहत चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में सीआईएसएफ को बड़ी सफलता हासिल हुई है।

सीआईएसएफ की विशेष टीमों द्वारा अलग-अलग कोयला क्षेत्रों (Coal Subsidaries) में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 35 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 5800 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया है। साथ ही अवैध उत्खनन में इस्तेमाल हो रहे 103 मुहानों (अवैध खानों) को पूरी तरह से भरवाकर बंद कर दिया गया है।

एमएमडीआर एक्ट के तहत मिली शक्तियों का असर

हाल ही में खान एवं खनिज (विकास और नियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) की धाराओं के तहत सीआईएसएफ के अधिकारियों को विशेष अधिकार और शक्तियां सौंपी गई हैं। इसके बाद से ही सुरक्षा बल ने केवल कोयला खदानों की सुरक्षा तक सीमित न रहकर सीधे अवैध खनन स्थलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और कोल कंपनियों (BCCL, CCL, ECL) के साथ मिलकर खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार छापेमारी कर रही है।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु और जब्ती

  • अवैध कोयला बरामदगी: विभिन्न छापेमारी अभियानों के दौरान अब तक लगभग 5,800 मीट्रिक टन कोयला पकड़ा गया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
  • अवैध मुहाने बंद: कोयला माफिया द्वारा बनाए गए 103 अवैध खनन स्थलों और खान के मुहानों (Mine Openings) को डोजरिंग और डोजर-फिलिंग के जरिए स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
  • वाहनों की जब्ती: अवैध परिवहन में शामिल दर्जनों हैवी ट्रकों, हाइवा, ट्रैक्टरों और मोडिफाइड मोटरसाइकिलों को जब्त किया गया है।

ड्रोन और हाई-टेक तकनीक से निगरानी

कोयला माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सीआईएसएफ अब आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है।

  1. ड्रोन सर्विलांस: घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में चल रही अवैध खदानों को चिन्हित करने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  2. ई-वे बिल व इलेक्ट्रॉनिक नाके: कोयले की ले-जाई पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कागजातों और ई-वे बिल का मिलान किया जा रहा है।
  3. एफआईआर और गिरफ्तारियां: अवैध खनन और चोरी में शामिल मुख्य सरगनाओं व तस्करों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जा रही है तथा कई लोगों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय खनिज संपदा की सुरक्षा और कोयला आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता लाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

About Author

Leave a Reply