मुख्य शीर्षक: गुमला: वर्ष 2017 से कानून की नजरों से छिपा आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, भेजा गया जेल

झारखंड के गुमला जिले की बिशुनपुर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पिछले कई सालों से कानून को चकमा देकर फरार चल रहे एक आरोपी को दबोच लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जेल भेज दिया गया है। पकड़ा गया आरोपी सियारटोली का रहने वाला लक्ष्मण लोहार बताया जा रहा है, जो 2017 के एक मामले में लंबे समय से वांछित था।
चोरी और मारपीट के पुराने मामले में था फरार
बिशुनपुर थाने में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर (SI) कामु पासवान ने इस कार्रवाई के संबंध में बताया कि आरोपी लक्ष्मण लोहार के खिलाफ साल 2017 में चोरी करने और मारपीट करने के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी लगातार अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था और पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
फरार आरोपी को पकड़ने के लिए बिशुनपुर पुलिस लगातार प्रयासरत थी और उसके ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी बीच पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि आरोपी राज्य से बाहर हिमाचल प्रदेश में मजदूरी या अन्य काम कर रहा था और हाल ही में अपने पैतृक गांव वापस लौटा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम सियारटोली स्थित उसके घर पर छापेमारी करने पहुंची। पुलिस बल को सामने देखकर आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी करके उसे धर दबोचा। पुलिस हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में आरोपी ने पुराने मामले से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया, जिसके बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
रंगदारी मांगने पहुंचा था आरोपी
मिली जानकारी के मुताबिक, बिशुनपुर इलाके में एक पुल निर्माण का काम चल रहा था, जहां आरोपी लक्ष्मण अपने दो अन्य साथियों के साथ रंगदारी (लेवी) वसूलने के इरादे से पहुंचा था। पुलिस को जैसे ही इसकी भनक लगी, टीम ने फौरन दबिश देकर लक्ष्मण को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसके दोनों सहयोगी भागने में सफल रहे। बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि पुलिस को आरोपी के लेवी मांगने आने की इनपुट मिली थी, हालांकि संबंधित ठेकेदार की तरफ से रंगदारी या लेवी मांगने की कोई लिखित शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।


