मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सरायकेला/ईचागढ 03 सितंबर, 2026, गुरुवार (भाग्य सागर)
नालसा,नई दिल्ली एवं झालसा,रांची के निर्देशानुसार तथा रामाशंकर सिंह,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, टीकर, ईचागढ़ में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तौसीफ मेराज, डीएलएसए सचिव ने छात्राओं को बताया कि वर्षा ऋतु में सांप अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में आ सकते हैं, जिसके कारण सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय उचित एवं समयबद्ध कदम उठाने के लिए उन्होंने जागरूक किया। समझाया गया कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को यथाशीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चाहिए तथा अनावश्यक घरेलू उपचार अथवा अंधविश्वास के आधार पर उपचार करने से बचना चाहिए, सर्पदंश के मामले में समय पर चिकित्सकीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्री मेराज ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों एवं समुदाय के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि सर्पदंश एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित घटनाओं में लोगों को समय पर उचित सहायता मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों तक न्याय और विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में दिलीप कुमार शॉ, चिफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल, सरायकेला भी उपस्थित रहे।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनिता महतो, शिक्षकगण तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े पी एल वी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया।


