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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

ईचागढ़ : झामुमो की गुप्त वीडियो से खुला राज, मैडम क्यों नहीं सुनती कार्यकर्ताओं की ⁉️

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)

Chandil :  झारखण्ड राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर उद्घोषणा होते ही राज्य भर में लगभग हरेक पार्टी से सक्रिय कार्यकर्ताओं का बागी होकर किसी अन्य दल में जाकर शामिल होने की सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहा। तो कोई पार्टियों द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा से असंतुष्ट होकर पार्टी से बागी हुए और स्वतंत्र चुनाव लड़ने की ठान ली है।

ऐसे में पार्टियों की समर्पित कार्यकर्ताओं के बीच कश्मकश की स्थिति उत्पन्न हो गया। वहीं ईचागढ़ विधानसभा से इंडिया गठबंधन समर्थित झामुमो प्रत्याशी सबिता महतो से नाराज होकर झामुमो से बागी हुए सुखराम हेम्ब्रम ने ईचागढ़ विधानसभा से ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहा है।

ऐसी ही एक तरफ कई चुनौतीयाँ का सामना कर रही प्रत्याशी सबिता महतो तो दूसरी तरफ कार्यकर्ताओ के एक गोपनीय रूप से समीक्षा करते हुए वीडियो आखिर वायरल हो ही गई। वायरल वीडियो में हाल ही में झामुमो में शामिल हुए क्षेत्र के जाने माने समाजसेवी सुधीर किस्कू ने उपस्थित कई कार्यकर्ताओं के समक्ष नाराजगी जाहिर करते हुए कहा जा रहा है कि पूरे ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की ऐसी कोई कार्यकर्ता नहीं है जिन्हे काबलु महतो से शिकायत नहीं है।

फिर भी उनके द्वारा कई बार कहे जाने के बावजूद भी अब तक उसके विरुद्ध मैडम द्वारा कोई ठोस निर्णय लिया गया। वीडियो में स्पष्ट रूप से सुधीर किस्कू ने अपनी पीड़ा जाहिर की कि चुनाव प्रचार में लोगों के पास जाने पर सिर्फ काबलु महतो की शिकायत से उन्हें न जाने कितना सवाल और तर्क का सामना कर गुजरना पड़ता है।

किस्कू ने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह कह रहा है कि वह जो आपसी बात कर रहा है इसका भी सारा सूचना उनके कक्ष में ही बैठे कोई न कोई पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा काबलु महतो तक पहुंचा देगा, लेकिन किस्कू ने कहा कि इसका उन्हें कोई फिक्र नहीं इसलिए कि वह मैडम के लिए ही काम कर रहा है काबलु के लिए नहीं इसलिए वो किसी से नहीं डरता। बस इतनी से बात पर वीडियो में अदृश्य है लेकिन पीछे से कोई कार्यकर्ता का आवाज गूंजने लगा और उसने हंगामा मचा दिया की आज तक ईचागढ़ विधानसभा के झामुमो कार्यकर्ताओं को न तो सबिता महतो ने पहचाना और न ही काबलू ने।

यह सब बातें हो रही थी और कोई एक कार्यकर्ता छुपके से वीडियो बना रहा था। चेहरे में थोड़ी बदलाव से लगा कि जिसका भनक किस्कू को हुआ पर अपने ही लोग समझकर वह भी इसे अनदेखा कर दिया।  2:28 मिनट की यह वायरल वीडियो में न कि किस्कू ने अपना पक्ष रखा बल्कि सभी झामुमो कार्यकर्ताओं का दर्द को भी सार्वजनिक कर दिया।

साफ जाहिर है कि झामुमो द्वारा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का कैसे अनदेखा किया जाता है फिर भी उनके पार्टी के प्रति समर्पण भावना से अपनी प्रत्याशी की जीत हासिल कराने के बाद भी उन सभी कार्यकर्ताओं से क्षेत्रहित में कोई बात सुनने के बजाय जिन्हें क्षेत्र की विकास से कोई संवंध ही नहीं उन सभी लोगों की बात को ही सर्वोपरि मानती है।

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