जेबीवीएनएल का नया रिकॉर्ड: जून में 95 फीसदी उपभोक्ताओं की बिलिंग कर बटोरे 468 करोड़ रुपये

55.97 लाख उपभोक्ताओं में से 52.95 लाख की हुई बिलिंग
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली उपभोक्ताओं को बिल भेजने के मामले में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। ताजा आँकड़ों के अनुसार, जून के महीने में राज्य के तकरीबन 95% बिजली उपभोक्ताओं का बिल तैयार कर उन्हें जारी कर दिया गया। इस व्यापक स्तर पर हुई बिलिंग के कारण बिजली विभाग को राजस्व के मामले में भी भारी फायदा हुआ है।
जून में 468.52 करोड़ रुपये की हुई वसूली
व्यापक बिलिंग अभियान का सीधा असर बिजली विभाग की कमाई पर दिखा है। जेबीवीएनएल ने जून महीने के दौरान उपभोक्ताओं से कुल 468.52 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बिजली बिल वसूला है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही उपभोक्ताओं के पास समय पर और सही बिल पहुँचना शुरू हुआ, वैसे ही लोगों ने भी अपने बिलों का भुगतान तेजी से करना शुरू कर दिया, जिससे यह बड़ी सफलता मिली।
इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) के. श्रीनिवासन के दिशा-निर्देशों पर पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया गया था, जिसके शानदार नतीजे देखने को मिले हैं।
जुलाई के लिए तय किया गया नया लक्ष्य
जून की इस ऐतिहासिक कामयाबी से उत्साहित होकर बिजली वितरण निगम ने अब अगले महीने यानी जुलाई के लिए और भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। प्रबंधन का इरादा जुलाई में बिलिंग दक्षता को बढ़ाकर 99 से 100 फीसदी तक पहुँचाने का है। इसके साथ ही, विभाग ने जुलाई महीने में 500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व इकट्ठा करने का संकल्प लिया है। इस कदम से जहाँ एक तरफ विभाग की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी, वहीं उपभोक्ताओं के लिए भी बिलिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुगम हो जाएगी।
ऐसे बढ़ी जेबीवीएनएल की बिलिंग क्षमता
बिलिंग के इस बड़े आंकड़े को छूने के लिए जेबीवीएनएल को प्रशासनिक स्तर पर कई कड़े कदम उठाने पड़े। विभाग के निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इसके लिए जमीनी स्तर के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे। हर हफ्ते की बिलिंग के लिए एक तय कोटा तय किया गया था। इसके अलावा, प्राइवेट बिलिंग एजेंसियों और आंतरिक टीमों के साथ हर दूसरे हफ्ते लगातार समीक्षा बैठकें की गईं, ताकि काम की रफ्तार को कम होने से रोका जा सके।
ऊर्जा मित्रों के वेतन भुगतान पर दिया गया विशेष ध्यान
समीक्षा के दौरान अधिकारियों के सामने यह बात आई थी कि कई क्षेत्रों में मीटर रीडिंग करने वाले ‘ऊर्जा मित्रों’ को प्राइवेट एजेंसियों द्वारा समय पर सैलरी नहीं मिल रही थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तुरंत दखल दिया और उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया। इसके साथ ही, फील्ड में काम करने वाले ऊर्जा मित्रों की कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी की गई, जिससे पूरी व्यवस्था में सुधार हुआ और रिकॉर्ड स्तर पर बिलिंग मुमकिन हो सकी।
