झारखंड एटीएस ने आतंकी संगठनों से जुड़े 61 संदिग्धों की सूची तैयार की, सभी जिलों में अलर्ट

Ranchi RSS कार्यालय हमले के बाद एक्शन में सुरक्षा एजेंसियां, 61 संदिग्ध रडार पर
रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पिछले दिनों हुए पेट्रोल बम हमले के बाद झारखंड पुलिस और आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) और झारखंड एटीएस की संयुक्त तफ्तीश में इस हमले के पीछे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस सिलसिले में झारखंड एटीएस ने राज्य में सक्रिय स्लीपर सेल्स और देश विरोधी गतिविधियों को ध्वस्त करने के लिए कमर कस ली है। एटीएस मुख्यालय ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों (जैसे अलकायदा और आईएसआईएस) से जुड़े या उनके लिए काम करने वाले 61 संदिग्धों एवं आरोपियों की एक विस्तृत सूची तैयार की है।
सभी 24 जिलों को सतर्क रहने के निर्देश, खुफिया निगरानी तेज
राज्य में किसी भी संभावित आतंकी खतरे या अप्रिय घटना को रोकने के लिए झारखंड एटीएस की तरफ से सूबे के सभी 24 जिलों के पुलिस कप्तानों और स्थानीय खुफिया इकाइयों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। एटीएस द्वारा चिह्नित किए गए इन 61 संदिग्धों के तौर-तरीकों, उनकी मौजूदा लोकेशन और उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य राज्य में छुपे हुए देश विरोधी तत्वों के नेटवर्क और फंडिंग चैनल्स को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है।
विदेशी हैंडलर्स का खुलासा: दुबई और पाकिस्तान से जुड़े तार
एनआईए और एटीएस की अब तक की पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार पाकिस्तान और खाड़ी देश दुबई में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। संदिग्ध आरोपी विदेशी आकाओं के साथ लगातार संपर्क में रहने के लिए ‘बाटम’ (Botim) और वॉट्सऐप जैसे सुरक्षित व एन्क्रिप्टेड वीडियो कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। इन डिजिटल माध्यमों के जरिए ही उन्हें न केवल भड़काया गया, बल्कि पेट्रोल बम बनाने और आतंकी वारदातों को अंजाम देने की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी गई थी।
चार राज्यों तक फैले हैं नेटवर्क के तार, एटीएस की छापेमारी जारी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे टेरर मॉड्यूल का नेटवर्क सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के चार अलग-अलग राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। मामले में शामिल कुछ मुख्य आरोपियों के हथियारों की तस्करी और देश विरोधी नेटवर्क के सिलसिले में पंजाब (अमृतसर) और अन्य राज्यों के कनेक्शन भी उजागर हुए हैं। झारखंड एटीएस अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस सूची में शामिल सभी 61 संदिग्धों के सत्यापन (Verification) और धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।
