NIMDIH : झिमड़ी प्रकरण : ग्रामीण महिलाओं ने वीडियो के समक्ष रखी विचार,नाम दर्ज निर्दोष ग्रामीणों को वरी करें तभी गाँव में शांति बहाल संभव…

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
SERAIKELLA : नीमडीह थाना क्षेत्र की झिमड़ी गाँव के युवती को जबरन धर्मांतरण कर निकाह करने की मामले को लेकर ग्रामणों ने आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी की मांग करने लगे जब प्रशासन द्वारा कार्रवाई में देर की तो ग्रामीण आक्रोश में आ गए तथा भीड़ ने आरोपी की घर को आग की हवाले कर दिया और पुलिस वैन पर पथराव करने लगे इस बेकाबू भीड़ को नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से लाठी चार्ज कराया गया ।

जिससे भीड़ और उग्र रूप लेता गया जिसे देखकर गाँव मे मजिस्ट्रेट एवं काफी संख्या में पुलिसबल को तैनात कर दिया गया। जो की कुछ ही देर में गाँव में अघोषित कर्फ्यू की स्थिति बन गई। इधर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तथा उपद्रव मचाने की आरोप में झिमड़ी गाँव के महिला पुरुष समेत आठ लोगों को पुलिस जैल भेजकर 28 नामजद तथा सौ अन्यों के बिरुद्ध मामला दर्ज किया। इसके बाद से गाँव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इधर बुधवार को गाँव में शांति बहाली को लेकर वीडियो एवं अंचल अधिकारी की उपस्थिति में गाँव मे वुद्धिजीवी ग्रामीणों के बीच वार्ता रखा गया।

जहाँ उपस्थित सभी ग्रामीणों को आश्वस्त कराते हुए वीडियो ने कहा कि गाँव में पूर्व की भांति शांति बहाल हो जिसके लिए सभी ग्रामवासियों के सहयोग की आवश्यक है। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने अपनी पक्ष रखा कि नाम दर्ज निर्दोष ग्रामीणों को बरी करें प्रशासन तभी यह संभव है। इस मामले पर वीडियो ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि घटना में प्रशासन द्वारा जिनके नाम दर्ज किया गया है उनका यथा शीघ्र अनुसंधान के बाद सभी निर्दोषों के नाम काटा जाएगा तथा किसी निर्दोषों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं किया जाएगा।

इस दौरान वार्ता में उपस्थित अश्विनी महतो एवं ग्रामीणों को निर्देश दिया गया है कि गाँव मे पूर्ववत सभी दुकान को खोला जाय तथा आपसी भाईचारे भावना से गाँव मे शांति कायम रखने के लिए प्रयास करें। इस मामले पर पंचायत समिति सदस्य पद्म लोचन महतो ने कहा कि ग्रामीणों की आवाज को दबाने के लिए ग्राम पंचायत की एक जनप्रतिनिधि के होते हुए भी उनपर प्रशासन जानबूझकर मामला दर्ज किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनके दर्ज नाम को नहीं हटाया जाता तब तक वह किसी वार्ता या बैठक में नहीं जाएंगे।
साथ ही उन्होंने प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अब तक पीड़िता को बेवजह नजरबन्दी कर रखा गया है। कभी कोई कहता है आरआईटी थाना में तो कोई कह रहा है टीएमएच में इलाज चल रहा है, सच्चाई जो क्या है यह तो मालूम नहीं लेकिन पीड़िता के साथ ग्रामीणों को मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। जबकि उस पीड़िता की न्याय के लिए ही झिमड़ी के ग्रामीण 11 दिन तक गाँव मे अपना कारोबार बंद रखा, लोग जैल गए तथा सैंकड़ों लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ ।
श्रीमहतो ने कहा अगर पीड़िता एवं उसकी माँ प्रशासन की दबाव से, धन की लालच से या सरकारी लाभ की लोभ में या आरोपी की धमकी डर से झूठा बयान देती है तो उन पीड़िता और उनकी परिवार के लिए ग्रामीण कोई जिम्मेदारी नहीं लेंगे और न ही उनसे ग्रामीण कोई संवंध रखेंगे।
