नोवामुंडी में अचानक बदला मौसम, हुई मूसलाधार बारिश

नोवामुंडी में सुबह-सुबह बदला मौसम का मिजाज झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के अंतर्गत आने वाले नोवामुंडी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तकरीबन 10 बजे मौसम का रूप एकाएक बदल गया। देखते ही देखते आसमान में काले घने बादलों का डेरा जमा हो गया और भारी बारिश शुरू हो गई। वर्षा के साथ ही लगातार कड़कती बिजली और बादलों के भीषण शोर ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। आकाशीय बिजली की चमक इतनी तीव्र थी कि पूरा माहौल कुछ पलों के लिए उजाले से भर जाता था, वहीं बादलों की भयंकर गड़गड़ाहट से स्थानीय लोग सहम उठे।
कड़कती बिजली और बादलों की गड़गड़ाहट से डरे बच्चे इस अचानक आए तूफानी मौसम का असर स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों पर भी देखने को मिला। कड़कती बिजली और बादलों के भारी शोर से कक्षाओं में मौजूद छात्र काफी डरे और सहमे नजर आए। स्थिति को देखते हुए शिक्षकों ने बच्चों को सांत्वना दी और उनका हौसला बढ़ाया। दूसरी ओर, अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता भी काफी फिक्रमंद दिखे।
सड़कों और कॉलोनियों में बनी जलजमाव की स्थिति लगातार जारी मूसलाधार बरसात की वजह से नोवामुंडी के कई हिस्सों में पानी भर गया। मुख्य सड़कों, रिहायशी गलियों और निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव होने के कारण लोगों को आने-जाने में भारी किल्लत झेलनी पड़ी। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम सी गई, वहीं पैदल चलने वाले राहगीर भी रास्ता पार करने के लिए परेशान होते दिखे।
अचानक हुए इस मौसमी बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल-फिलहाल के दिनों में इस तरह की तेज बारिश, तीव्र बिजली और बादलों की भयानक गड़गड़ाहट एक साथ नहीं देखी गई थी। इस अप्रत्याशित मौसमी बदलाव ने पूरे क्षेत्र में एक सतर्कता और डर का माहौल बना दिया है। लगातार होती बारिश और बादलों के शोर से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। विशेष रूप से स्थानीय पीएचसी (PHC) परिसर, रेलवे फाटक के पास, कुम्हार टोली रोड, शिशु मंदिर स्कूल का रास्ता और काली मंदिर परिसर समेत कई अन्य जगहों पर भारी जलजमाव देखने को मिला।


