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November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित-बैंकिंग संस्थानों को साइबर अपराध, विधिक उपाय एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति किया गया जागरूक

सरायकेला-खरसावां 31अगस्त, 2026, सोमवार(भाग्य सागर):

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार तथा रामाशंकर सिंह,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन एवं सहयोग में स्थायी लोक अदालत के संचालन, कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन एलडीएम कार्यालय में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता तौसीफ मेराज, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की, कार्यक्रम में बरुण कुमार चौधरी, एलडीएम, दिलीप कुमार शॉ, मुख्य विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता, मालती लागुरी, सदस्य, स्थायी लोक अदालत तथा श्रद्धांजलि नंदा, शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया, सरायकेला शाखा सहित अन्य पदाधिकारी एवं पारा लीगल वॉलंटियर्स, सरायकेला शाखा के बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,आईडीबीआई बैंक,केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक सहित अन्य बैंकों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

DLSA सचिव तौसीफ मेराज ने स्थायी लोक अदालत के गठन, संचालन, अधिकार क्षेत्र, भूमिका एवं उपयोगिता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आम जनता को सुलभ, सस्ता एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का किया जाना निर्धारित है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों, विशेषकर बैंकिंग संस्थानों से सहयोग प्रदान करने तथा अधिक से अधिक पात्र मामलों के निष्पादन हेतु गंभीर एवं समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

मुख्य LADC दिलीप कुमार शॉ ने अपने संबोधन में साइबर कानून एवं साइबर अपराध के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं इस विषय पर न्यायालयों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए साइबर अपराध के मामलों में विभिन्न संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।

स्थायी लोक अदालत की सदस्य मालती लागुरी ने स्थायी लोक अदालत के व्यावहारिक संचालन एवं उपयोगिता,स्थायी लोक अदालत के समक्ष किस प्रकार के पात्र मामलों को लाया जा सकता है तथा बैंकिंग सेवाओं से संबंधित सामान्य विवादों के समाधान में इसकी क्या भूमिका हो सकती है। उन्होंने बैंक अधिकारियों एवं आम जनता से स्थायी लोक अदालत की उपलब्ध विधिक व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया.

बरुण कुमार चौधरी, एलडीएम ने साइबर अपराध से प्रभावित ग्राहकों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक रवैया अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों से निपटने में बैंक एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थागत भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था के बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार तथा बैंक कर्मियों के नियमित संवेदीकरण एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले
राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में बरुण कुमार चौधरी ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि संबंधित पक्षकारों को समय रहते पर्याप्त पूर्व सूचना एवं नोटिस जारी किए जाएं, ताकि पक्षकारों एवं संबंधित प्राधिकरणों को कार्यवाही की तैयारी और सहभागिता के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए बैंकिंग संस्थानों द्वारा विशेष एवं व्यक्तिगत प्रयास किए जाने चाहिए। पात्र मामलों की पहचान, संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस तथा अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के समक्ष लाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।

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