महाराष्ट्र में राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल पाने वाले शुभम पति को खरसावां में किया गया सम्मानित


भूमिका: महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करने के बाद, शुभम कुमार पति का खरसावां पहुँचने पर भव्य स्वागत किया गया। सरायकेला-खरसावां जिले के बेहरासाही निवासी शुभम ने एम.एड. (M.Ed.) की परीक्षा (सत्र 2021-23) में पूरे विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में स्थानीय स्तर पर एक सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया।
पहले भी जीत चुके हैं दो गोल्ड मेडल: समारोह के दौरान उत्कल सम्मिलनी के जिलाध्यक्ष सुमंत चंद्र मोहंती ने शुभम की सफलता की सराहना करते हुए इसे पूरे जिले के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि शुभम की यह कामयाबी केवल एक सुखद संयोग नहीं है, बल्कि उनकी निरंतर कड़ी मेहनत का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि शुभम इससे पहले भी दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, जो शिक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण और मेधा को सिद्ध करता है।
प्रोफेसर बनकर शिक्षा क्षेत्र में देना चाहते हैं योगदान: अपनी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए शुभम ने बताया कि वे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श प्रोफेसर बनकर अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। वे समाज में शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वर्तमान में, वे देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में शिक्षा शास्त्र के विषय पर ‘रिसोर्स स्कॉलर’ के रूप में अपना शोध कार्य (Research) कर रहे हैं।
खरसावां से दिल्ली तक का सफर: शुभम की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा खरसावां और सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की। इसके पश्चात, उन्होंने जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज से स्नातक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। वर्धा से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अब वे दिल्ली में अपने शैक्षणिक सपनों को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं।
मौके पर मौजूद गणमान्य व्यक्ति: इस सम्मान समारोह में मुख्य रूप से अजय प्रधान, सपन मंडल, माधव चरण सतपथी, आलोक दास, सनोज महतो, त्रिलोचन प्रधान, बबिता सोरेन, सुनिल माहली, प्रशांत गोप, स्नेहा नायक, खुशी सिंह, राधिका राउत सहित कई स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने शुभम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
