सर्पदंश से बचाव हेतु बरतें सावधानी, सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को अविलंब नजदीकी सी एच सी पहुंचाएं -उपायुक्त

सरायकेला-खरसावां, 21 अगस्त 2026, शुक्रवार (भाग्य सागर)
सरायकेला-खरसावाँ जिले में वर्षा के मौसम सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए उपायुक्त, नितिश कुमार सिंह ने जिले वासियों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति हो सकती है, सतर्कता एवं समय पर चिकित्सा सहायता और उचित उपचार से सर्पदंश से उत्पन्न गंभीर जटिलताओं की जोखिम को कम किया जा सकता है एवं व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शीघ्र नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। सर्पदंश के उपचार हेतु सी एच सी में प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध हैं तथा चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कर उपचार किया जाता है।
इसलिए सर्पदंश को गंभीरता से लेते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना आवश्यक है।
सावधानी के तौर पर उन्होंने कहा सर्पदंश पीड़ित को शांत रखें, चलने-फिरने न दें, प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। अंगूठी, घड़ी, कड़ा अथवा अन्य कसाव वाली वस्तुएं पहनी हों तो उन्हें हटा दें, ताकि सूजन की स्थिति में परेशानी न हो, सर्प को पकड़ने अथवा मारने का प्रयास न करें।
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र अथवा अप्रमाणित घरेलू उपचार का सहारा न लें। घाव को काटना, जहर चूसना, जलाना, रगड़ना या उस पर किसी प्रकार की जड़ी-बूटी अथवा रासायनिक पदार्थ लगाना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में प्राथमिकता तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना होनी चाहिए। जागरूकता एवं सावधानी के साथ सर्पदंश की घटनाओं से बचाव किया जा सकता है तथा समय पर उचित उपचार मिलने से गंभीर परिणामों को रोका जा सकता है।

