पश्चिमी सिंहभूम के गुवा में महिला दिवस समापन समारोह का भव्य आयोजन

पश्चिमी सिंहभूम न्यूज (गुवा): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों का भव्य समापन हुआ। महिला समिति द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में उन महिलाओं को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार और महिला समिति की अध्यक्ष शालू कुमार ने विजेताओं को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया।
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत गीतों के साथ किया गया। इस दौरान एक शोक सभा भी आयोजित की गई, जिसमें सुर साम्राज्ञी आशा भोंसले के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात स्कूली बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
महिला समिति के कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह में बच्चों के आकर्षक नृत्य के साथ-साथ महिला प्रतिभागियों ने भी अपनी सुरीली आवाज में गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्सवमय हो गया। महिलाओं के उत्साह ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी।
प्रतियोगिताओं, सम्मान और लॉटरी ने बढ़ाया कार्यक्रम का रोमांच
कार्यक्रम को और अधिक दिलचस्प बनाने के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपनी बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लॉटरी के जरिए पुरस्कार वितरण रहा, जिसमें बच्चों ने पर्चियां निकालकर विजेताओं के नाम घोषित किए।
संचालन, सम्मान और अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन सचिव जयश्री नंदकोलियर ने किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन बबली द्वारा दिया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में गुवा सेल के सीएसआर विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार का विशेष सहयोग रहा। समारोह में महाप्रबंधक आर.के. सिन्हा, बी.के. सुमन, डॉ. अशोक कुमार अमन, डॉ. टी.सी. आनंद और जिला अध्यक्ष देवकी कुमारी सहित महिला समिति की अनेक सदस्य व गणमान्य लोग उपस्थित थे। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखा गया।

