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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

गढ़वा : भौंराहा जंगल में कोरवा बस्ती पहुंचे एसडीएम, जरूरतमंदों के बीच बांटी राहत सामग्री

मुख्य बिंदु: झारखंड के गढ़वा जिले में मुख्यधारा के शहरी जीवन से दूर जंगलों के बीच रहने वाले आदिम जनजाति कोरवा परिवारों के लिए रविवार (17 मई) का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया। जिले के सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार छुट्टी के दिन कार्यालय के कामों से समय निकालकर सुदूर और घने भौंराहा जंगल स्थित कोरवा आदिम जनजाति बस्ती पहुंचे और वहां रह रहे लोगों की सुध ली।

जरूरतमंदों के बीच बांटे चप्पल-जूते

घने भौंराहा जंगल के बीच बसे इस सुदूर इलाके में महज एक दर्जन से अधिक कोरवा परिवार निवास करते हैं। जब सदर एसडीएम संजय कुमार इस अत्यंत दुर्गम क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि भीषण गर्मी और पथरीली राहों पर चलने के बाद भी कई बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के पैरों में चप्पल तक नहीं थी। इस पर तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए एसडीएम ने मौके पर ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, कुल 35 अत्यंत जरूरतमंद लोगों के बीच जूते-चप्पल और अन्य आवश्यक रोजमर्रा की सामग्रियों का वितरण किया। भीषण धूप में चप्पल और अन्य जरूरी वस्तुएं पाकर आदिम जनजाति के परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल के लिए प्रशासनिक टीम का दिल से आभार व्यक्त किया।

परिवारों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

एसडीएम का यह विशेष दौरा सिर्फ राहत सामग्री के वितरण तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने आदिम जनजाति के लोगों की झोपड़ियों में जाकर परिवारों से व्यक्तिगत रूप से सीधा संवाद किया। इस दौरान एसडीएम ने कोरवा परिवारों से पूछा कि उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (जनवितरण प्रणाली) के तहत डीलर से समय पर पूरा राशन मिलता है या नहीं? इसके अलावा उन्होंने पीने के पानी की मौजूदा व्यवस्था, बच्चों की शिक्षा और सरकार की अन्य कल्याणकारी व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जमीनी हकीकत की भी बारीकी से जानकारी ली।

मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा

ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि इन पिछड़े और सुदूर इलाकों में रहने वाले परिवारों तक विकास की मुख्यधारा को पहुंचाना और उन्हें समाज के अग्रिम पंक्ति में लाना प्रशासनिक अमले की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस सुदूर बस्ती में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की जो भी न्यूनतम और मूलभूत आवश्यकताएं (जैसे नियमित राशन, शुद्ध पेयजल और आवागमन के लिए सड़क) हैं, उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर पूरा किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को त्वरित गति से काम करने के कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं।

सदर एसडीएम के इस संवेदनशील दौरे और निरीक्षण के दौरान उनके साथ अनिल कुमार, रविंद्र कुमार पासवान, जैनुल अंसारी, प्रिंस कुमार सहित कई स्थानीय नागरिक और विभागीय कर्मी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री पहुंचाने में अपना सहयोग दिया।

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