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October 26, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

पीवीयूएनएल की बड़ी उपलब्धि, पतरातु परियोजना की दूसरी यूनिट शुरू

  • झारखंड को मिलेगी 85 प्रतिशत बिजली
  • अधिकारियों ने मनाया सफलता का जश्न
  • यunit-1 के बाद यूनिट-2 भी संचालन के लिए तैयार
  • सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार

Patratu Project PVUNL: झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू स्थित पीवीयूएनएल (पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) प्लांट में 11 मई 2026 को शाम 7:15 बजे 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-2 का सफलतापूर्वक ट्रायल ऑपरेशन पूरा कर लिया गया। इस बड़ी कामयाबी के साथ ही यूनिट-2 के नियमित और कमर्शियल संचालन (व्यावसायिक उपयोग) का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस नई यूनिट के चालू होने से झारखंड सहित अन्य राज्यों में भीषण गर्मी के मौसम के दौरान अचानक बढ़ी हुई बिजली की मांग को समय पर पूरा करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। राज्य में चल रहे बिजली संकट को दूर करने में यह प्लांट काफी असरदार साबित होगा।

रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित पीभीयूएनएल का यह दूसरा यूनिट है जिसका सफल परीक्षण किया गया है। अकेले इस यूनिट से 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। आपको बता दें कि इससे पहले प्लांट की पहली यूनिट (यूनिट-1) से भी 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन लगातार जारी है। अब दोनों यूनिट्स को मिलाकर पतरातू पीवीयूएनएल प्लांट से कुल 1600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। खास बात यह है कि इसमें से अकेले झारखंड राज्य के हिस्से में 1360 मेगावाट बिजली आएगी। गर्मियों के इस तपते मौसम में जब पूरे राज्य में पावर कट और बिजली की मांग चरम पर है, तब पतरातू से मिलने वाली यह अतिरिक्त बिजली पूरे झारखंड के लिए संजीवनी का काम करेगी। पतरातू थर्मल पावर प्लांट से जनरेट होने वाली कुल बिजली का 85 फीसदी हिस्सा झारखंड को ही आवंटित किया गया है, जिससे राज्य के चौतरफा औद्योगिकीकरण और विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी।

अधिकारियों ने मनाया सफलता का जश्न

इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ए के सहगल, सीजीएम प्रोजेक्ट अनुपम मुखर्जी, जीएम ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट मनीष खेतरपाल, जीएम जोगेश चंद्र पत्रा, जीएम विष्णु दत्ता दास और जीएम ओपी सोलंकी सहित पीवीयूएनएल, एनटीपीसी (NTPC) और बीएचईएल (BHEL) के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों व तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी खुशी जाहिर की और इस महत्वपूर्ण माइलस्टोन की सफलता का जश्न मनाया।

सीईओ ए के सहगल ने टीम को दी बधाई

इस उपलब्धि पर पीवीयूएनएल के सीईओ ए के सहगल ने सभी वैज्ञानिकों, अभियंताओं (इंजीनियर्स), कर्मचारियों और सहयोगी स्टाफ को बधाई संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह शानदार सफलता पूरी टीम की दिन-रात की कड़ी मेहनत, आपसी समन्वय, समर्पण और सामूहिक प्रयासों का ही मीठा परिणाम है।

सीईओ ए के सहगल ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले 5 नवंबर 2025 को प्लांट की यूनिट-1 के वाणिज्यिक (कमर्शियल) संचालन की आधिकारिक घोषणा की गई थी। अब यूनिट-1 की तरह यूनिट-2 भी पूरी तरह से कमर्शियल ऑपरेशन में आने के लिए तैयार हो चुकी है।

सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार

परियोजना को समय पर और सुरक्षित तरीके से इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए सीईओ ए के सहगल ने एनटीपीसी लिमिटेड, झारखंड सरकार, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) और अन्य सभी हितधारक व सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी विभागों से मिले निरंतर सहयोग, कुशल मार्गदर्शन और तालमेल के कारण ही इस बड़ी तकनीकी चुनौती को आसानी से पूरा किया जा सका है।

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