HEC कर्मचारियों को झटका, केंद्र सरकार ने आर्थिक मदद से खींचे हाथ, 34 महीने से अटका है वेतन

रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ‘हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन’ (HEC) को पटरी पर लाने की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को केंद्र सरकार से करारा झटका लगा है। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने संस्थान को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता देने से साफ मना कर दिया है।
मंत्रालय की ओर से एचईसी प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि वे संस्थान के आंतरिक संसाधनों से ही वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) की व्यवस्था करें। साथ ही कर्मचारियों व अधिकारियों के लंबे समय से लंबित वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों के देयों का भुगतान भी अपने स्तर पर ही सुनिश्चित करें।
अधिकारियों के 34 महीने का वेतन बकाया
केंद्रीय मंत्रालय के कड़े रुख के बाद एचईसी प्रबंधन ने विभिन्न श्रमिक यूनियनों को पत्र जारी कर संस्थान की बेहद नाजुक वित्तीय स्थिति से अवगत कराया है। प्रबंधन का तर्क है कि वर्तमान में भारी आर्थिक संकट के कारण बकाये का तुरंत भुगतान कर पाना उनके लिए संभव नहीं है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे उत्पादन गतिविधियों में तेजी आएगी और राजस्व प्राप्त होगा, वैसे-वैसे किस्तों में बकाये का निपटारा किया जाएगा।
हटिया कामगार यूनियन के आंकड़ों के मुताबिक, एचईसी के अधिकारियों का पिछले 34 महीनों से और आम कामगारों का 30 महीनों से वेतन लंबित है। इसके अतिरिक्त, जून 2018 के बाद से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का ग्रेच्युटी-पीएफ और अप्रैल 2017 से लीव एनकैशमेंट का भुगतान भी अटका पड़ा है।
एचईसी आवासों पर अवैध कब्जे पर कड़ा एक्शन
गंभीर वित्तीय तंगी के बीच एचईसी के नगर प्रशासन विभाग ने आवासीय कॉलोनियों में अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाना शुरू कर दिया है। हाल में कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, संस्थान के लगभग 250 विभिन्न श्रेणी के आवासों (क्वार्टरों) पर अवैध कब्जा पाया गया है।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सभी अवैध कब्जाधारियों को आधिकारिक नोटिस जारी किया है और उन्हें 15 दिनों के अंदर परिसर खाली करने की अंतिम चेतावनी दी है। निर्धारित समयावधि में क्वार्टर खाली न करने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ बलपूर्वक बेदखली की जाएगी, तथा इस पूरी प्रक्रिया में होने वाले खर्च की वसूली भी अवैध रूप से रह रहे लोगों से ही की जाएगी।
यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी
केंद्र सरकार और मंत्रालय की ओर से मदद न मिलने की घोषणा से एचईसी के श्रमिक संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया है। हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि चूंकि एचईसी एक केंद्रीय उपक्रम है, इसलिए सरकार अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि बकाये वेतन के भुगतान और संस्थान को बंद होने से बचाने के लिए वे जल्द ही न्यायालय की शरण लेंगे तथा इसके साथ-साथ बड़े पैमाने पर उग्र जन-आंदोलन भी शुरू करेंगे।
